सीपीयू क्या है कम्प्यूटर में इसकी भूमिका क्या है CPU kya hai complete information in hindi

इस Topic का Main उद्देश्य सीपीयू क्या है कम्प्यूटर में इसकी भूमिका क्या है CPU kya hai complete information in hindi पर आधारित है।

CPU के तीन भाग होते हैं।

1. ए एल यू – ALU (Arithmetic logic unit)

2. मेमोरी – (Memory)

3. सी यू – CU (Control unit)

सीपीयू क्या है CPU kya hai

CPU का पूरा नाम Control processing unit होता हैं। इसका हिन्दी नाम केन्द्रीय संसाधन इकाई होता हैं। यह कम्प्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता हैं। अथवा इसके बिना कम्प्यूटर सिस्टम पूर्ण नहीं हो सकता। CPU से सभी डिवाइस जुड़े हुए रहते हैं।

जैसे- कीबोर्ड, माऊस, मोनिटर…. इत्यादि।

इसे कम्प्यूटर का मस्तिष्क (Mind) भी कहा जाता हैं। इसका मुख्य कार्य Program को Execute करना होता हैं। इसकेे अलावा CPU कम्प्यूटर के सभी भागों जैसे- मेमोरी डिवाइस, इन्पुट डिवाइस, आउटपुट डिवाइस के कार्यों को भी नियंत्रित करता है।

1. ए एल यू – ALU (Arithmetic logic unit)

Arithmetic एवं logic unit को संक्षेप में ALU कहते हैं। यह Unit data पर अंगणकीय क्रियाएँ (+, -, *, /) और तार्किक क्रियाएँ (Logical operation) करती हैं। ALU control unit से निर्देश लेता है। यह मेमोरी से Data को प्राप्त करता हैं। तथा Processing के बाद सुचना को मेमोरी में लौटा देता हैं। ALU की कार्य करने की गति बहुत अधिक होती हैं। यह लगभग 1 लाख गणनाएं प्रति सेकेंड की गति से करता हैं। इसमें ऐसा इलेक्ट्रॉनिक परिपथ होता हैं, जो बाइनरी अंगणकीय की गणनाएं करने में सक्षम होता हैं।

2. मेमोरी – (Memory)

Memory input device के द्वारा निर्देशों को कम्प्यूटर में Store करता हैं। तथा Processing के बाद सुचना को मेमोरी में

लौटा देता हैं। इसे कम्प्यूटर की यदास भी कहा जाता हैं। मानव में कुछ बातों को याद रखने के लिए

मस्तिष्क होता हैं। ठीक उसी प्रकार कम्प्यूटर में मेमोरी होती हैं। यह मेमोरी CPU का अभिन्न अंग हैं। मेमोरी स्टोरेज

डिवाइस कहलाता हैं। अतः इसे कम्प्यूटर की Main memory, Internal memory, Primary memory भी कहते हैं।

3. सी यू – CU (Control unit)

CU का पूरा नाम Control unit होता हैं। CU hardware के क्रियाओं को नियंत्रित और संचालित करता हैं। यह इन्पुट, आउटपुट क्रियाओं को नियंत्रित करता हैं। साथ ही मेमोरी और ALU के बीच Data के आदान-प्रदान को निर्देशित करता हैं। यह प्रोग्राम को क्रियान्वित (Execute) करने के लिए निर्देशों को मेमोरी से प्राप्त करता हैं।

UPS (Under power supply) kya hota hai

यह हार्डवेयर कम्प्यूटर की बिजली चले जाने पर सिधे कम्प्यूटर को बन्द होने से रोकता हैं। जिससे हमारा सारा Data

सुरक्षित रह सकता हैं।

नोट- कम्प्यूटर के हार्डवेयर डिवाइस दो भागों में बटे हुए हैं।

1.इन्पुट डिवाइस (Input device)

2.आउटपुट डिवाइस (Output device)

प्रिंटर (Printer)

Printer एक आउटपुट डिवाइस हैं, जो कम्प्यूटर से प्राप्त जानकारी को कागज पर छापता हैं। कागज पर आउटपुट की यह प्रतिलिपि हार्डकॉपी कहलाता हैं। कम्प्यूटर से जानकारी का आउटपुट बहुत तेजी से मिलता हैं। और प्रिंटर इतनी तेजी से कार्य नहीं कर पाता हैं। इसलिए यह आवश्यकता महसूस की गई की जानकारियों को प्रिंटर में ही Store किया जा सके। इसलिए प्रिंटर में भी एक मेमोरी होती हैं। जहा से यह परिणाम को धीरे-धीरे प्रिन्ट करता हैं।

नोट- प्रिंटर एक ऐसा आउटपुट डिवाइस हैं, जो Soft copy को Hard copy में Convert कर देता हैं।

प्रोजेक्टर (Projector)

Projector भी एक आउटपुट डिवाइस हैं। प्रोजेक्टर का उपयोग चित्र या विडियो को एक प्रोजेक्शन स्क्रीन पर प्रदर्शित करके स्श्रोताओ को दिखाने के लिए प्रयोग किया जाता हैं। प्रोजेक्टर निम्न प्रकार के होते हैं।

1. विडियो प्रोजेक्टर (Video Projector)

2. मूवी प्रोजेक्टर (Movi Projector)

3. स्लाइड प्रोजेक्टर (Slide Projector)

साउंड कार्ड और स्पीकर (Sound Card and speaker)

Sound card एक विस्तारित बोर्ड होता हैं। जिसका प्रयोग साउंड को संपादित करने तथा आउटपुट देने के लिए किया जाता हैं। कम्प्यूटर में गाने सुनने, फिल्म देखने या गेम खेलने के लिए इसका प्रयोग किया जाता हैं। आजकल यह पहले से ही मदरबोर्ड में पूर्व निर्मित (In build) होता हैं। साउंड कार्ड तथा स्पीकर एक दूसरे के पूरक होते हैं। साउंड कार्ड के सहायता से ही स्पीकर में साउंड उत्पन्न होता हैं।

सीपीयू के भाग और उनके कार्य (Parts of CPU and their functions)

हार्ड डिस्क ड्राइव (Hard disk drive)

यह कम्प्यूटर का वह भाग होता हैं, जिसमें कम्प्यूटर के सभी Programs और Data सुरक्षित रहते हैं। हार्डडिस्क की मेमोरी स्थाई होती हैं। इसलिए कम्प्यूटर को बन्द करने पर भी इसमें सुरक्षित Program और Data समाप्त नहीं होता हैं।

Hard disk या HDD एक ही बात होता हैं। यह एक फिजिकल डिस्क होती हैं। जिसको हम अपने कम्प्यूटर की सभी छोटी बड़ी फाइल्स को Store करने के काम में आता है। लेकिन रैम (RAM) उस स्टोरेज में रखी चीजों को चलाने के काम में आती हैं। जब हम कम्प्यूटर को बन्द करते हैं, तो रैम में पड़ी कोई भी चीज मिट जाती हैं। लेकिन हार्डडिस्क में कम्प्यूटर बन्द होने पर कोई भी Data मिटता नहीं हैं, वह सुरक्षित रहते हैं।

फ्लॉपी डिस्क (Floppy disk)

यह प्लास्टिक की बनी हुई होती हैं, जिसपर फेराइट की परत पड़ी रहती हैं। यह बहुत लचीली प्लास्टिक की बनी

होती हैं। इसलिए इसे Floppy disk कहते हैं। जिसपर प्लास्टिक का Cover होता हैं, जिसे जैकेट कहा जाता हैं। Floppy disk के बीचों-बीच एक प्वाइंट बना होता हैं। जिससे इस ड्राइव की डिस्क घुमती हैं। इस Floppy disk में 80 data track होता हैं। और प्रत्येक Track में 64 शब्द स्टोर किए जा सकतें हैं। यह मैगनेटिक टैप के सामान्य कार्य करती हैं, जो 360 RPM पर मिनट की दर से घुमती हैं।

आकार के दृष्टि से Floppy disk दो प्रकार की होती हैं।

1. 5 1/2 वाली Floppy disk

2. 3 1/2 वाली Floppy disk

1. 5 1/2 वाली Floppy disk

इसका आविष्कार सन् 1976 ईoमे किया गया था। तथा यह भी प्लास्टिक की जैकेट से सुरक्षित रहती हैं। इसकी स्टोरेज क्षमता 360 KB से 2.44 MB तक की होती हैं।

2. 3 1/2 वाली Floppy disk

इसका प्रयोग सर्वप्रथम Apple computer में किया गया था। जो पिछली Floppy की अपेक्षा छोटी होती हैं। इसकी स्टोरेज क्षमता 310 KB से लेकर 2.88 MB तक होती हैं।

मैगनेटिक टैप (Magnetic tape)

Magnetic tape भी एक स्टोरेज डिवाइस हैं, जिसमें एक पतला फिता होता हैं। जिसपर मैगनेटिक इन्क की कोडिंग की जाती हैं। इसका प्रयोग Analog तथा Digital data को Store करने के लिए किया जाता हैं।

ऑप्टिकल डिस्क (Optical disk)

Optical disk एक वृताकार डिस्क होता हैं, जिसपर Data एक प्लेट सतह के अंदर स्टोरेज किया जाता हैं। इसमें Data

को Optical के द्वारा स्टोर किया जाता हैं।

Optical disk दो प्रकार का होता हैं।

1. सीडी – CD (Compact disk)

2. डीवीडी – DVD (Digital versatile disk)

1. सीडी – CD (Compact disk)

सबसे पहले हम जानते हैं, कि CD को Compact disk के नाम से जाना जाता हैं। ये एक ऐसा Optical media हैं, जो हमारे डिजिटल डेटा को Save करता है। एक समय था जब हम रिल वाले कैसेट प्रयोग करते थे। लेकिन CD के आविष्कार होने के बाद रिल वाले कैसेटों को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया। यह एक CD में करीब 700 MB के Data save कर सकता हैं। CD में Data Dot के रूप में Save होता हैं। दरअसल CD drive में लगा हुआ लेजर सेन्सर CD के Dot से रिफ्लेक्ट लाइट पर पड़ता हैं, और हमारी डिवाइस में Image create करता हैं।

2. डीवीडी – DVD (Digital versatile disk)

DVD यानी Digital versatile disk CD के बाद DVD का आविष्कार हुआ। वैसे देखने में, तो दोनों एक ही जैसे लगते हैं। लेकिन इसके Data को स्टोर करने की Capacity में अंतर होती हैं। CD के मुकाबले DVD में ज्यादा Data save किये जा सकतें हैं। मतलब DVD में User करीब 4.7 GB से लेकर 17 GB तक Data save किया जा सकता हैं। DVD के आने के बाद बाजार में CD की भारी कमी देखी गई।

(सीपीयू क्या है कम्प्यूटर में इसकी भूमिका क्या है CPU kya hai complete information in hindi)

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फ्लैश ड्राइव (Flash drive)

Pan drive को ही हम Flash drive के नाम से जानते हैं। आजकल सबसे ज्यादा फ्लैश ड्राइव का उपयोग Data को Store करने के लिए किया जाता हैं। यह एक External device होता हैं, जिसको कम्प्यूटर में अलग से उपयोग किया जाता हैं। यह आकार में बहुत छोटे तथा हल्का होते हैं। इसमें Store data को पढ़ा भी जा सकता हैं। और इसमें सुधार भी किया जा सकता हैं। यह सामान्य रूप से 2GB, 4GB, 8GB, 16GB, 32GB, 64GB, 128GB…etc. क्षमता में उपलब्ध हैं।

(सीपीयू क्या है)

प्रोसेसर (Processor)

यह कम्प्यूटर का सबसे अधिक महत्वपूर्ण भाग होता हैं। इसमें एक Micro processor chip रहता हैं, जो कम्प्यूटर के लिए

सोचने के सभी काम करता हैं। और User के आदेशों तथा निर्देशों के अनुसार प्रोग्राम का संचालन करता हैं। यह एक तरह से कम्प्यूटर का दिमाग ही होता हैं। इसलिए यह काफी गर्म भी होता हैं। और इसको ठंडा करने के लिए इसके साथ एक बड़ा सा फैन भी लगा रहता हैं। जिसे CPU fan कहा जाता हैं। इसका Basic काम यह होता हैं, कि इन्पुट लेना एवं उसको Process करके आउटपुट Generate करना।

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डीवीडी राइडर (DVD rider)

यह कम्प्यूटर का वह भाग होता हैं, जहा DVD में स्टोर Data को पढ़ता हैं। तथा DVD को Write भी

करता हैं। जबतक CD rider नहीं आया था तब तक DVD Rom चलते थे। और उससे पहले CD rider या

CD Rom का प्रयोग किया जाता था। और उससे भी पहले Floppy disk drive का प्रयोग किया जाता था। जिसमें केवल 3.4 MB data को ही Store किया जा सकता था।

(सीपीयू क्या है)

पावर सप्लाई (Power supply)

कम्प्यूटर के सभी भागों को उसकी क्षमता के अनुसार पावर प्रदान करने का कार्य पावर सप्लाई होता हैं। इसको भी

ठंडा रखने के लिए इसमें एक फैन लगा होता हैं। इसमें से मदरबोर्ड, हार्डडिस्क, डीवीडी राइडर को उचित सप्लाई देने

का कार्य अलग-अलग प्रकार के वायर दिये गए होते हैं। इनका Main switch CPU के पीछे दिया गया होता हैं। जहा पावर केबल के माध्यम से कम्प्यूटर को पावर दी जाती हैं।

(सीपीयू क्या है)

कम्प्यूटर मेमोरी (Computer memory)

जैसे हम समय को मापने के लिए सेकेंड, आवाज को मापने के लिए डेसिबल, दूरी को मापने के लिए मिलीमीटर

और वजन को मापने के लिए ग्राम जैसे मात्रक का उपयोग करते हैं। ठीक इसी प्रकार कम्प्यूटर की दुनिया में

Storage क्षमता को मापने के लिए भी मात्रकों का निर्धारण किया गया है। यह डिवाइस इन्पुट डिवाइस के द्वारा प्राप्त निर्देशों को कम्प्यूटर में Store करके रखता हैं। इसे कम्प्यूटर की यदास भी कहा जाता हैं। मानव में कुछ बातों को याद रखने के लिए जैसे मस्तिष्क होता हैं। ठीक उसी प्रकार कम्प्यूटर में Data को याद रखने के लिए मेमोरी होता हैं। यह मेमोरी CPU का अभिन्न अंग हैं। इसे कम्प्यूटर का मुख्य मेमोरी, Internal memory, Primary memory भी कहा जाता हैं।

नोट- किसी भी निर्देश या सुचना अथवा परिणामों को Store करके जो रखता है, वो मेमोरी कहलाता हैं।

कम्प्यूटर का वह स्थान जहा सभी सूचनाओं आंकड़ों या निर्देशों को Store करके रखा जाता हैं मेमोरी कहलाता हैं। कम्प्यूटर

में एक से अधिक मेमोरी होती हैं। उनको सामान्यतः Primary memory और Secondary memory के रूप में बांटा गया हैं।

Primary memory अस्थिर (Volatile) तथा Secondary memory स्थिर (non-volatile) मेमोरी होती हैं। अस्थिर मेमोरी Data को अस्थाई रूप से कम्प्यूटर चालू होने से लेकर कम्प्यूटर बंद होने तक ही रहता हैं। अर्थात कम्प्यूटर बंद हो जाना या बिजली चले जाने के बाद कम्प्यूटर का बन्द हो जाने से कम्प्यूटर का सारा Data नष्ट हो जाता हैं।

स्थिर मेमोरी आपके कम्प्यूटर को प्रारंभ करने में सहायक होती हैं। इसे मुख्य मेमोरी भी कहा जाता हैं। Secondary memory

वो होता हैं, जो Data को हमेशा के लिए Store करके रखता हैं। जबतक हम उसे Delete नहीं करते तब

तक अपने पास Store करके रखता हैं।

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